शब्द भाव व्यंग्य नजरिया
जैसा की आप सबको मालूम है कि अभी-अभी छात्रसंघ के चुनाव समाप्त हुए हैं, छात्रसंघ चुनावों में एक बात देखने को बहुत मिली है छात्रों को भीडतंत्र संगठन से मोह बहुत देखने को मिला है ऐसा क्यों? जो अब मैं जो लेख लिखने जा रहा हूं वह मेरे को किसी के द्वारा बताया गया है उसी के ऊपर लिखना चाह रहा हूं.
8 लोगों की एक टीम ने मिलकर एक छात्र संगठन बनाने की सोची, इस संगठन का कार्य यह होगा कि छात्रों की समस्याओ का समाधान किया जा सके. इस संगठन में जुड़ने की कुछ शर्तें उन्होंने रखी गई. जो शर्ते निम्नानुसार है
- इस संगठन के द्वारा छात्रों की समस्याओ के लिए ज्ञापन नहीं दिया जाएगा, ज्ञापन की जगह धरना दिया जाएगा और धरने का समय कम से कम 7 दिन का होगा जब तक की मांग पूरी ना हो जाए
- इस संगठन के द्वारा महाविद्यालय में चुनाव तो कराए जाएंगे लेकिन अगर इस संगठन के द्वारा किसी को टिकट चाहिए है तो उसे संगठन में 10 दिन की कम से कम ट्रेनिंग लेनी अवश्य होगी.
3.इस संगठन के द्वारा जो भी कार्य किए जाएंगे उन कार्यों की अखबार में न्यूज़ नहीं दी जाएगी एवं उसकी जगह पर पत्रकार को सूचना दी जाएगी कि हमारे संगठन के द्वारा कार्य किया जा रहा है तो उसकी फोटो आ कर ले जाएं जिससे कि कोई भी छात्र वहां से नहीं जाएगा. अगर किसी छात्र को हमारे संगठन से जुड़ना होगा तो उसे यह तीन शर्तें पूरी करनी होगी.
8 छात्रों की टीम में अपने संगठन की एक बैठक रखने का समय निर्धारण किया. एवं एक महीने तक लगातार अपने संगठन की शर्तों के साथ खूब प्रचार-प्रसार किया कि उक्त जगह पर हमारे संगठन की बैठक रखी गई है जिसको भी हमारे संगठन से जुड़ना चाहता है वह बैठक में आए.
एवं उन छात्रों ने बैठक का स्थान निश्चित किया एवं उस जगह पर सभी लोगों से बैठक में आने का आग्रह किया एवं जिस दिन बैठक रखी गई थी उस दिन देखा गया कि उस बैठक में उन 8 छात्रों के अलावा कोई भी नहीं आया. उन छात्रों ने सोचा यार ऐसा क्यों हमारे यहां पर कोई क्यों नहीं आया. फिर उन छात्रों ने किसी दूसरे संगठन के एक कार्यक्रम में गए वहा जाकर देखा तो उस संगठन में छात्रों की बहुत भीड़ थी वहां पर पैर रखने की भी जगह नहीं थी तो उन छात्रों ने उस संगठन के किसी सदस्य से पूछा कि आपके यहां इतनी छात्रों की भीड़ कैसे हमने भी संगठन बनाने की सोची एवं शर्तों को रखा पर आपकी यहां इतनी भीड़ कैसे.
तो उस दूसरे संगठन के सदस्य ने बताया कि हमारे संगठन में जुड़ने कि कोई भी शर्ते नहीं है हमें कोई ज्ञापन देने के लिए कोई भी समय निश्चित नहीं है एवं कभी भी किसी भी समय ज्ञापन दे देते हैं. एवं धरने में बैठने का समय किसी के पास भी नहीं है. अपने लेटर हैड पर बैठक निश्चित करके न्यूज़ लगवा देते हैं एवं हमारे सभी पत्रकार जानकार हैं एवं हमारी सभी न्यूज़ लग जाती है. इसीलिए हमारे संगठनों में भीड़ रहती है.

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